भारत में क्रिप्टो लैंडस्केप: नियम, कर और निवेश के 5 प्रमुख बिंदु (दिसंबर 2025)
🪙 भारत में क्रिप्टो लैंडस्केप: नियम, कर और निवेश के 5 प्रमुख बिंदु (दिसंबर 2025) भारत, दुनिया में सबसे तेज़ी से क्रिप्टो अपनाने वाले देशों में से एक है। दिसंबर 2025 तक, भारतीय क्रिप्टो बाज़ार ने ₹51,000 करोड़ के लेन-देन को पार कर लिया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 41% की वृद्धि दर्शाता है। यह ब्लॉग भारतीय क्रिप्टो बाज़ार की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और भविष्य को 5 प्रमुख बिंदुओं में विस्तार से बताता है। 1. ⚖️ नियामक अस्पष्टता और वर्गीकरण (Regulatory Ambiguity and Classification) भारतीय क्रिप्टो बाज़ार में सबसे बड़ा और लगातार ट्रेंडिंग विषय इसका नियामक (Regulatory) दर्जा है। वर्तमान स्थिति: भारत में क्रिप्टोकरेंसी को अवैध नहीं माना जाता है, लेकिन इसे आधिकारिक मुद्रा (Legal Tender) का दर्जा भी नहीं मिला है। इसे एक आभासी डिजिटल संपत्ति (Virtual Digital Asset - VDA) के रूप में वर्गीकृत किया गया है। शासन की कमी: हालाँकि क्रिप्टो लेन-देन में वृद्धि हुई है, लेकिन क्रिप्टो को विनियमित करने के लिए अभी भी कोई समर्पित नियामक निकाय (Dedicated Regulatory Body) या व्यापक बिल (Comprehe...