🏦 रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर: आपकी EMI और SIP पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा?
🏦 रेपो रेट में बदलाव का सीधा असर: आपकी EMI और SIP पर इसका क्या प्रभाव पड़ेगा? जब भी भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) गवर्नर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हैं, तो निवेशकों से लेकर आम लोन धारक तक, सभी की धड़कनें तेज हो जाती हैं। इसका मुख्य कारण है रेपो रेट (Repo Rate) —वह चाबी जो आपकी मासिक किस्त (EMI) से लेकर आपके निवेश रिटर्न (SIP) तक, सब कुछ प्रभावित करती है। इस ब्लॉग में, हम जानेंगे कि रेपो रेट में होने वाला बदलाव आपके पर्सनल फाइनेंस (Personal Finance) के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों— EMI और SIP —पर कैसे असर डालता है। 1. रेपो रेट की मूल बातें: यह आपकी जेब की चाबी क्यों है? रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI कमर्शियल बैंकों को पैसा उधार देता है। यह रेट अर्थव्यवस्था में तरलता (Liquidity) और मुद्रास्फीति (Inflation) को नियंत्रित करने का RBI का प्राथमिक उपकरण है। रेपो रेट में बदलाव बैंकों पर असर ग्राहकों पर असर बढ़ता है बैंकों के लिए पैसा महँगा होता है लोन की ब्याज दरें बढ़ती हैं घटता है बैंकों के लिए पैसा सस्ता होता है लोन की ब्याज दरें घटती हैं 2. लोन धारकों पर सीधा असर: आपकी EMI का गणित रेपो रेट का सबस...